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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ईडी को गिरफ्तारी के वक्त लिखित में वजह बतानी ज़रूरी !

गुड़गांव की एक रियल इस्टेट कंपनी के डायरेक्टर पंकज बंसल और बसंत बंसल की गिरफ्तारी को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह व्यवस्था दी

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि ईडी को आरोपी की गिरफ्तारी के समय लिखित में इसका आधार बताना चाहिए। अदालत ने कहा कि ईडी की कार्रवाई में पारदर्शिता दिखनी चाहिए।

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ईडी को आरोपी की गिरफ्तारी के समय लिखित में गिरफ्तारी का आधार बताना चाहिए। ईडी एक अहम जांच एजेंसी है। उस पर जिम्मेदारी है कि आर्थिक अपराध को रोके। ईडी के तमाम एक्शन में पारदर्शिता दिखनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएस बोपन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, यह जरूरी है कि आरोपी को गिरफ्तारी के बारे में बताया जाए कि उसकी गिरफ्तारी का आधार क्या है। यह लिखित में बताना जरूरी है। इसके लिए कोई अपवाद नहीं हो सकता। गुड़गांव की एक रियल इस्टेट कंपनी के डायरेक्टर पंकज बंसल और बसंत बंसल की गिरफ्तारी को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह व्यवस्था दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के उस रवैये पर भारी नाराजगी जताई जिसके तहत उसने मौजूदा मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के वक्त उन्हें लिखित में गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ईडी ऑफिसर ने सिर्फ गिरफ्तारी के ग्राउंड पढ़े थे। इस तरह की कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद-22 (1) और प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 19 (1) के तहत तय की गई अनिवार्यता को पूरा नहीं करती। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी को अवैध करार दिया और निर्देश दिया कि डायरेक्टरों को रिहा किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, घटनाक्रम बताता है कि ईडी का क्रिया कलाप ठीक नहीं था। ईडी के बर्ताव से मनमानेपन की बू आ रही है।

Online Dainik Bhaskar

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