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अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार बोली सदन छोड़ भागे कोंग्रेसी- हुड्डा बोले सवालों से बचती रही सरकार, किया वाकआउट !

  • हरियाणा मंत्रिमंडल के विरुद्ध कांग्रेस के विधायकों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से रद्द
  • सीएम ने शायराना अंदाज में कांग्रेस पर कसा तंज, तुम्हें एतबार नहीं मुझ पर, हमें तो अपनी आवाम के हर शख्स का ख्याल है, तुम्हें तो अपने परिवार से मतलब है बस, मगर मुझे हर गरीब का ख्याल है
  • कांग्रेस की संस्कृति में विश्वास की परंपरा ही नहीं है, देशहित में जब भी किसी सुधार की बात होती है तो कांग्रेस को कभी विश्वास ही नहीं हुआ- मनोहर लाल
  • कांग्रेस के शासन में आकाश, जमीन, पाताल तक हुए घोटाले
  • सरकार जनता के सवालों का जवाब देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई- हुड्डा

 

चंडीगढ़- हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाले हरियाणा मंत्रिमंडल के विरुद्ध कांग्रेस के विधायकों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से रद्द हुआ। सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस द्वारा पहले वर्ष 2021 में भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। उस समय साढ़े 3 साल का समय बचा था, तो उनके मन में ईच्छा थी कि सरकार गिर जाएगी तो हम राज कर लेंगे।  पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की बजाए सरकार उनसे बचती नजर आई। ये बेहद शर्मनाक है कि मेनिफेस्टो के वादों, घोटालों, बेरोजगारी, अपराध, नशे, महंगाई व किसानों के मुद्दे पर बोलने की बजाए सरकार व्यक्तिगत टिप्पणियों पर उतर आई। इसलिए कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया।

 श्री मनोहर लाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए, ताकि कांग्रेस के सदस्य हमारी बात सुन सकें, अन्यथा उनके विधायक अपनी बात बोलकर सदन से बाहर चले जाते हैं।

        श्री मनोहर लाल ने कांग्रेस विधायकों पर तंज कसते हुए शायराना अंदाज में कहा कि महफिल में चल रही थी मेरे कत्ल की तैयारी, चर्चा करते करते बोले लंबी उम्र हो तुम्हारी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति में विश्वास की परंपरा ही नहीं है। देशहित में जब भी कभी किसी सुधार की बात की गई तो कांग्रेस को कभी विश्वास ही नहीं हुआ। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने की बात थी, तब भी कांग्रेस ने अविश्वास जताया था कि ये हो ही नहीं सकता। तीन तलाक के मामले में भी कांग्रेस ने अविश्वास व्यक्त किया। इतना ही नहीं, श्री राम मंदिर पर भी इन्होंने कहा था कि मंदिर बन नहीं सकता। जिस काम में भी कांग्रेस ने अविश्वास जताया, लेकिन जनहित में वो सारे काम हमने किए।

जबकि  हुड्डा ने कहा कि बीजेपी-जेजेपी सरकार जनता का विश्वास पूरी तरह खो चुकी है। क्योंकि ये सरकार किसान को एमएसपी, युवा को रोजगार, बुजुर्गों को पेंशन, गरीबों को राशन, दलित-पिछड़ों को आरक्षण व नागरिकों को प्रोटेक्शन देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। पिछले साढ़े नौ साल में इस सरकार ने प्रदेश की ऐसी हालत बना दी है कि स्कूलों में टीचर, अस्पताल में डॉक्टर और सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों का भारी अभाव है। जरूरत पड़ने पर ये सरकार कोरोना काल में मरीजों को दवाई और ऑक्सीजन तक नहीं दे पाई। जनता के साथ ऐसा विश्वासघात करने वाली और जनमत के साथ धोखा करने वाली सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

हुड्डा ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस का मकसद इस सरकार को आईना दिखाना था। लेकिन सरकार ने जानबूझकर विपक्ष को बोलने का पूरा मौका नहीं दिया और सिर्फ सत्तापक्ष को समय दिया गया। बावजूद इसके सरकार जनता के सवालों का जवाब देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई।

कांग्रेस के शासन में आकाश, जमीन, पाताल तक हुए घोटाले

        मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासन में आकाश से लेकर जमीन और पाताल तक के घोटाले हुए। इसमें 2जी, 3जी, कोयला और जमीन के घोटाले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार में बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी मिल रही है। जनता में डंका बज रहा है कि अब गरीब का बच्चा नौकरी लग सकता है।

        मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2005 से 2014 तक 3593 पदों पर भर्ती की गई थी, जो हर वर्ष औसतन 360 बनती है। जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान 31 जनवरी, 2024 तक 6808 पदों पर भर्ती की गई, जो औसतन प्रति वर्ष 680 है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 10 साल के शासन में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से 88 हजार नौकरियां दी गई, जबकि हमने 1 लाख 30 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरी दी है। लगभग 30 हजार पदों के लिए परिणाम घोषित होने वाले हैं।

Online Dainik Bhaskar

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