देश-दुनियाराजनीति

सिरसा में किसानों ने सांसद आवास के बाहर किया प्रदर्शन, प्रधानमंत्री का फूंका पुतला

पंजाब से दिल्ली चले किसानो को डबवाली में रोका

राजेंद्र कुमार
सिरसा। हरियाणा के सिरसा में सांसद सुनीता दुग्गल के आवास के बाहर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानो ने प्रधानमंत्री का पुतला भी फूंका। इससे पहले किसान स्थानीय शहीद भगत सिंह स्टेडियम में एकत्रित हुए ओर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री के शव का पुतला बनाकर सांसद के आवास पर पहुंचे। किसानों प्रदर्शन के दृष्टिगत कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे बावजूद इसके किसान यहां पहुंचने में कामयाब हो गए। बता दें कि सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा किसान जत्थेबंदियों से आज देशभर में भाजपा नेताओं के कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन क। आह्वान किया गया था। वहीं दूसरी ओर पंजाब के बठिंडा क्षेत्र से दिल्ली को ट्रैक्टर-ट्राली पर रवाना हुई किसानों की टोलियों को डबवाली में बठिंडा मार्ग पर बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया गया। किसान यहीं धरना लगाकर बैठ गए ओर सभा की। किसान नेता बंता सिंह ढकोंदा ने कहा कि पुलिस जितने मर्जी किलेंं बिछा दे वे वापिस नहीं लौटेंगे तथा दिल्ली जाकर ही रहेंगे।

-पंजाब से दिल्ली चले किसान डबवाली में पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर धरना देते हुए।

राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष जिंदा नानूआना ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर के किसान शहीद भगत सिंह स्टेडियम में एकत्रित हुए और वहां से जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए सिरसा लोकसभा सांसद सुनीता दुग्गल के आवास के समक्ष पहुंचे और किसानों ने शांति से रोष प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। नानूआना ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दो साल पूर्व स्वयं जनता के सामने लाइव आकर किसानों से वादा किया था कि उनकी मांगों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा, लेकिन प्रधानमंत्री अपने वादे से मुकर गए। नानूआना ने कहा कि प्रधानमंत्री कारपोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए किसान व किसानी को खत्म करने पर तुले हुए हैं। बार-बार किसान हितैषी होने का राग अलापने वाली सरकार अपने ही वायदों से मुकर रही है।

 

उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों भारतीयों का पेट भरने वाले अन्नदाता के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। रास्तों को बंद कर दिया गया है। सड़कों में कीलें बिछा दी गई, जगह-जगह सड़कोंको खोद डाला है। कुल मिलाकर जनता के खून पसीने की कमाई को सरकार के इशारे पर अधिकारियों ने अपनी कमाई समझकर नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई इस संपत्त्ति को नष्ट करने वाले लोगों से ही करवाई जानी चाहिए। आम आदमी अगर कहीं सरकारी संपत्त्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उस पर तुरंत केस दर्ज किया जाता है तो अब केस दर्ज करने वाले लोग कहां हंै? नानूआना ने कहा कि देश की जागरूक जनता जाग चुकी है और इस सरकार के मंसूबों को भी भली भांति समझ चुकी है।

Online Dainik Bhaskar

Related Articles

Back to top button