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रोहतक के भाजपा सांसद ने जनप्रतिनिधि की कार्यकुशलता को सबसे निचले पायदान पर पुहंचाया- दीपेंद्र हुड्डा

  • कांग्रेस कार्यकाल में आई हजारों करोड़ की परियोजनाएं, भाजपा सांसद ने अपनी निधि से खर्च किए सिर्फ ढाई करोड़- दीपेंद्र हुड्डा 
  • हमसे कोरोनाकाल का हिसाब मांगने वाले भाजपा सांसद बताएं कि वो महामारी के दौरान गुमशुदा क्यों रहे- दीपेंद्र हुड्डा
  • हमने कोरोना काल में हरियाणा, दिल्ली NCR, पंजाब व देश के विभिन्न हिस्सों में सैंकड़ों ज़िंदगियों को बचाया, हज़ारों लोगों की मदद की- दीपेंद्र हुड्डा

चंडीगढ़ : ये देखकर बड़ा दुख होता है कि रोहतक के वर्तमान भाजपा सांसद ने जनप्रतिनिधि के तौर पर कर्मठता से काम नहीं किया और विकास कार्यों के मामले में प्रदेशभर में सबसे निचले पायदान पर रहे। इस उपेक्षा का बदला आगामी चुनाव में जनता वोट की चोट से लेगी। यह कहना है राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का। वो उस आंकड़े पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिससे पता चलता है कि इलाके के विकास की खातिर मिलने वाली अपनी निधि को खर्च करने में रोहतक के सांसद सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। इससे विकास व इलाके के प्रति सांसद की गंभीरता व संवेदनशीलता का पता चलता है।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में रोहतक को हज़ारों करोड़ की परियोजनाएं मिलीं। इलाके में कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजनाएं स्थापित हुईं। लेकिन मौजूदा सांसद ऐसी कोई परियोजना इलाके में स्थापित करना तो दूर, अपनी पूरी सांसद निधि भी खर्च नहीं कर पाए और पूरे कार्यकाल में सांसद निधि से केवल ढाई करोड़ रुपये ही खर्च कर पाए। दीपेंद्र ने कहा कि सत्तारुढ़ सांसद की निष्क्रियता से रोहतक की जनता आहत है। क्योंकि यह वो लोकसभा क्षेत्र है जिसके आशीर्वाद से वो विपक्ष में रहते हुए भी सर्वश्रेष्ठ सांसद चुने गए थे।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि विडंबना देखिए, 5 साल में खुद के काम का हिसाब देने की बजाए, मौजूदा भाजपा सांसद हमसे कोरोना काल का हिसाब मांग रहे हैं। जबकि जनता ने वोट देकर उनको सांसद चुना था और देश व प्रदेश में उनकी सरकार थी। लेकिन चुनावी हार के बावजूद हमने लोगों की सेवा की और कभी हिम्मत नहीं हारी। हमारी गवाही जनता देगी कि महामारी के उस दौर में हम कहां थे और क्या कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक प्रतिनिधि नहीं बल्कि एक इंसान होने के नाते कोरोना काल में हमने टीम दीपेंद्र के माध्यम से पूरे हरियाणा, दिल्ली NCR, पंजाब और देश के विभिन्न हिस्सों में सैंकड़ों ज़िंदगियों को बचाया और हज़ारों लोगों तक मदद पहुंचाई। शक्तियां व संसाधन सीमित होते हुए भी टीम दीपेंद्र ने उस जनता को बचाने के लिए दिनरात कोशिशें कीं, जिसे सरकार ने मरने के लिए अपने हाल में छोड़ दिया था। सरकार से निराश होकर मदद के लिए चीखती उस टाइम की आवाज़ें आज भी ज़हन में गूंजती हैं। हम उन आवाज़ों को ना सिर्फ सुन रहे थे, बल्कि उन्हें उम्मीद, ऑक्सीजन, दवाई, हॉस्पिटल बेड, ईलाज व डॉक्टर मुहैया करवा रहे थे।

दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूछा कि हमसे सवाल पूछने वाले सांसद और उनकी प्रदेश व केंद्र सरकार बताए कि महामारी के उस दौर में वो कहां थे? क्यों इलाके में उनकी गुमशुदगी के पोस्टर छपे थे?

Online Dainik Bhaskar

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