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गर्व की बात : 4अर्जुन अवार्ड लेने वाली देश की पहली संस्था बनी सीबीएसएम संस्था : डॉ. महेन्द्र सिंह मलिक

गांव के एक खेल स्कूल को एक साल में मिले चार अर्जुन अवार्ड

 

चंडीगढ़ – खेल के क्षेत्र में किसी खिलाडी को अर्जुन अवार्ड मिलना खिलाड़ी और उसकी संस्था के लिए बहुत ही गौरव की बात मानी जाती है , और यह गौरव हासिल किया है हरियाणा के जींद जिला की एक खेल संस्था ने , जिसके चार खिलाडियों ने मात्र एक साल में चार अर्जुन अवार्ड प्राप्त किए हैं।

गत दिवस जब राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू ने चौधरी भरत सिंह स्पोटर्स स्कूल निडानी के कुश्ती खिलाडी सुनील मलिक डबरपुर को अर्जुन अवार्ड देकर सम्मानित किया तो संस्था के लिए यह गौरवान्वित करने वाला पल था। खिलाडी सुनील डबरपुर ( 87 किलो ग्राम भार वर्ग ) ने अपने खेल कॅरियर में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर की अनेक प्रतियोगिताओं में दर्जनों मैडल जीतकर प्रदेश और संस्था का मान बढ़ाने का काम किया है।

इस संस्था के संरक्षक प्रदेश के पूर्व डीजीपी डॉ महेन्द्र सिंह मलिक ने पहलवान सुनील की उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा की चौधरी भरतसिंह मेमोरियल खेल स्कूल देश की ऐसी पहली संस्था बन गई है जिसके चार खिलाडियों क़ो खेलों का सर्वोच्च अवार्ड अर्जुन अवार्ड राष्ट्रपति द्वारा मिला है।

डॉ. महेन्द्र सिंह मलिक ने कहा की सुनील से पहले इसी संस्था की तीन महिला खिलाडिय़ों को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है जो कि पूरे क्षेत्र के लिए ख़ुशी की बात है। उन्होंने बताया पिछले साल वर्ष 2023 में भी 30 जनवरी को राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू द्वारा सीबीएसएम खेल स्कूल निडानी की कुश्ती खिलाडी अंशु मलिक, सरिता मोर और कबड्डी खिलाडी साक्षी पुनियाँ को अर्जुन अवार्ड देकर सम्मानित किया गया था । डा. महेन्द्र सिंह मलिक ने कहा कि आज तक एक संस्था के 4 खिलाडियों को अर्जुन अवार्ड मिलने का भी इस संस्था के खिलाडियों ने इतिहास रच दिया है।

डॉ. मलिक ने कहा की अर्जुन अवार्ड प्राप्त करने वाले होनहार खिलाडी है जो ओलम्पिक में भी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके है। उन्होंने बताया कि स्कूल के चार खिलाडिय़ों क़ो अर्जुन अवार्ड मिलना गर्व की बात हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि हरियाणा में आज के समय में खेल युवाओं के लिए प्रोफेशन बन गया हैं। जो युवा खेलों की तरफ बढ़ते हैं उन्हें प्रसिद्धी तो मिलती ही है , साथ-साथ वे आर्थिक रूप से मजबूत भी होते हैं। इसके अलावा आज के समय में खिलाडिय़ों को नौकरियां भी मिलती हैं। ऐसे में शिक्षा के साथ साथ खेल जरूरी हैं।

डॉ. मलिक कहा कि जो युवा नशे की और अग्रसर हैं उन्हें खेलों के प्रति जागरूक करते हुए किसी एक खेल को अपना कर खूब मेहनत करनी चाहिए। डा.मलिक ने कहा कि आगामी ओलम्पिक में सुनील मलिक द्वारा गोल्ड मैडल जीतने की हमें पूरी उम्मीद है। इससे पहले भी स्कूल के दर्जनों महिला एवं पुरूष खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय अवार्ड मिल चुके हैं। ऐसे में आज के समय में चौधरी भरत सिंह मेमोरियल स्पोटर्स स्कूल और भाई सुरेन्द्र सिंह मैमोरियल स्पोटर्स स्कूल किसी पहचान के मौहताज नहीं हैं क्योंकि दोनों संस्थाओं के खिलाड़ी अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच कर मेडल लाने में पीछे नहीं रहते।

इस मौके पर उनके साथ संस्था चेयरपर्सन कृष्णा मलिक, पूर्व सरपंच दलीप सिंह मलिक, डारेक्टर सुखबीर पंघाल, संस्था सचिव रणधीर सिंह श्योराण, संस्था के प्राचार्य ओमबीर, प्रचार्या पूनम श्योराण, संस्था प्रवक्ता आनन्द लाठर, नरेश पहलवान, प्रशिक्षक जगदीश सहित संस्था के सभी सदस्य मौजूद रहे।

 

Online Dainik Bhaskar

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