Crimeतकनीकीदेश-दुनियाबिज़नेसब्रेकिंग न्यूज़मनोरंजनराजनीतिराज्यशख्सियतस्वास्थ्य

गोरखपुर में 3 की हत्या कर थाने पहुंचा सिरफिरा:बोला- मुझे गिरफ्तार कर लीजिए, मैंने एकतरफा प्यार में

गोरखपुर में 3 की हत्या कर थाने पहुंचा सिरफिरा:बोला- मुझे गिरफ्तार कर लीजिए, मैंने एकतरफा प्यार में लड़की और उसके माता-पिता को मार डाला

गोरखपुर के खोराबार के रायगंज गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की सोमवार देर रात हत्या कर दी गई थी। यहां पति-पत्नी और उनकी बेटी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या करने के बाद हत्यारा खुद थाने पहुंच गया। पुलिस से बोला- ‘साहब! मुझे अरेस्ट कर लो, मैंने ही तीनों की हत्या की है।

बता दें कि सोमवार रात करीब 9 बजे गामा निषाद (42) अपनी पत्नी संजू (38) और बेटी प्रीति (20) के साथ परिवार में आयोजित शादी समारोह में जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में घात लगाकर बैठे हमलावर ने इस वारदात को अंजाम दिया। धारदार हथियार से गला काटकर हत्या की गई। इसके बाद आरोपी आलोक पासवान खुद पुलिस के पास पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

बहन को राह चलते परेशान करता था

थाने पहुंचे मृतक गामा के छोटे बेटे 12 वर्षीय अच्छे ने बताया कि हत्या करने वाला आलोक पासवान संतकबीर नगर के रायना का रहने वाला है। पिछले एक साल से उसकी बहन प्रीती को वह परेशान कर रहा था। बार-बार फोन करता था, मिलने के लिए बुलाता था। बहन ने उससे प्यार करने से इनकार कर दिया था। राह चलते हाथ पकड़ लेता था।

घर से 800 मीटर की दूरी पर हुई वारदात

खोराबार थाना क्षेत्र में रायगंज गांव के रहने वाले गामा निषाद (42) बंगला चौक पर मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते थे। गामा के बड़े भाई रामा निषाद रायगंज में ही रहते हैं। उनकी बड़ी बेटी की शादी 27 अप्रैल को है। सोमवार को परिवार में मटकोड़वा की रस्म होनी थी। इसी कार्यक्रम में शामिल होने गामा अपनी पत्नी संजू (38) और बेटी प्रीति (20) के साथ रात करीब 9 बजे पैदल ही जा रहे थे। घर से करीब 800 मीटर की दूरी पर रास्ते में घात लगाकर बैठे युवक ने पूरे परिवार को घेर लिया। परिवार का एक बेटा अच्छे बच गया, क्योंकि वह थोड़ी देर बाद शादी के लिए निकला था।

पिता के साथ गया होता तो नहीं बचता अच्छे

अच्छे ने बताया कि वह भी अपने पिता, मां और बहन के साथ शादी में जाना चाहता था, लेकिन पिता ने कहा कि तुम थोड़ी देर बाद आना। इसी से उसकी जान बच गई। नहीं तो अगर वह भी जाता तो उसे भी सिरफिरे आशिक आलोक ने मार दिया होता। वारदात को देखने वाले एक व्यक्ति ने अच्छे से बताया कि हत्यारे पर इतना भूत सवार था कि वह दौड़ा हुआ आया और पहले प्रीति से बात करना चाहा। प्रीति ने उसे डांटा तो बांका से पिता और मां के सामने ही गले पर हमला कर हत्या कर दी। बीच बचाव करने आई मां संजू और पिता गामा का भी गला काटकर हत्या कर दी।

घर में छिप गए थे गांव वाले

हत्या के बाद गांव वाले घर में छिप गए थे। किसी की हिम्मत नहीं हुई ​कि आरोपी को पकड़ ले। आधे घंटे तक शव वहीं इधर-उधर पड़ा रहा। फिर किसी ने गांव के प्रधान को बताया। चर्चा है कि आरोपी ने ही 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को हत्या की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस पहुंची और शव को थाने लाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

हत्या की सूचना पर एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।

4 महीने पहले दुबई से आए थे गामा

घरवालों के अनुसार, मृतक गामा निषाद दुबई में रहते थे। 4 माह पहले ही वह दुबई से घर आए थे। तभी उन्हें आरोपी की हरकतों के बारे में पता चला। मृतक के भाई रामा के बेटे केशव की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी आलोक पासवान के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।

हत्या के बाद एडीजी जोन अखिल कुमार, डीआईजी जे. रविंदर गौड़, एसएसपी डॉ. विपिन तांडा, एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी साउथ अरूण कुमार सिंह, सीओ कैंट श्यामदेव बिंद, सीओ एलआईयू, क्राइम ब्रांच की एसओजी स्वॉट टीम, खोराबार, रामगढ़ताल सहित 4 थानों की फोर्स, पीएसी और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए।

Online Dainik Bhaskar

Related Articles

Back to top button